म्हानै सूरजगढ़ को निशान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

म्हानै सूरजगढ़ को निशान भाया प्यारो लागे रे

म्हानै सूरजगढ़ को

शीर्ष पे थारे मोरपंख रे मोरपंख पे कमर बन्धा

बिजणी भारे छम छम नाचे रुतबो न्यारो रे

प्यारो लागे रे

सूरज चाँद सितारे चमंक गऊ माता भी दुध देरी

बीच मे लीले घोड़े पे श्याम हमारो रे

प्यारो लागे रे

डोरी पकड़ले दीनू इन्दोरिया रामेश्वर भंगत कहयो रे

जे डोरी तू नाही छोड़ी तो श्याम तिहारो रे

प्यारो लागे रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।