तेनु हक है माईए नी सानु दर तो तोरन दा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेनु हक है माईए नी सानु दर तो तोरन दा-2

पर हक नही माईए सानु खाली मोड़न दा-2

जे रुल असी जावांगे रुल तू वी जावेगी-2

विना बच्चेदा दे माईए किवे मां कहावेगी-2

तेनु हक है साडे नाल मां दुःख सुख फोलन दा-2

पर हक नही माईए सानु दर दर रोलन दा-2

तेनु हक है माईए नी....

असी बचड़े तेरे हां मां गलतिया करदे हां-2

फिर जैसा करदे हां बैसा ही परदे हां-2

तेनु हक है मांईए. नी सानु थप्पड़ मारन दा-2

तेनु हक नही माईए पल पल दुत्कारन दा

तेनु हक है माईए....

जे घर साडे आवेगी पलका ते विठावांगे-2

चंगे हा या माड़े हां तेरे ही कहावांगे-2

तेन हक है साडे नाल मां लाड लडावन दा-2

पर हक नही माईन सानु इंज तरसावन दा-2

तेनु हक है माईए नी सानु दर तो तोरन दा-2

पर हक नही माईए सानू खाली मोड़न दा-2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।