एहसान बहुत बाबा तेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एहसान बहुत बाबा तेरे

मैं भूलू ना मरते दम तक

मुझे तुमसे मोहब्बत हो गयी है

मुझे तेरी शरण में रहने दो

एहसान तेरा होगा मुझ पर ||

तुमने मुझको हसना सिखाया -२

रोने कहोगे रो लेंगे अब -२

आँसू का हमारे गम ना करो

वो बहते है तो बहने दो |||

मुझे तुमसे मोहब्बत हो गयी है

मुझे तेरी शरण में रहने दो

एहसान बहुत बाबा तेरे ॥

चाहे निभा लो चाहे मिटा दो -२

मर भी गये तो क्या होगा -२

उड़ उड़ के कहेगी खाक मेरी

ये दर्द ए मोहब्बत करने दो |

प्रीतम तेरा गुण गा रहा

उसे अपनी शरण से ना दूर करो ॥

मुझे तुमसे मोहब्बत हो गयी है

मुझे तेरी शरण में रहने दो ॥

एहसान बहुत बाबा तेरे

मैं भूलू ना मरते दम तक

मुझे तुमसे मोहब्बत हो गयी है

मुझे तेरी शरण में रहने दो

एहसान तेरा होगा मुझ पर ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।