सवेरे होये गुरा दे दर्शन

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सवेरे होए गुरां दे दर्शन अज दिन सोणा लघेगा

आज दिन सोणा लघेगा आज दिन प्यारा लघेगा

सतगुरु कर किरपा अपनाया

सानू कागो हंस बनाया

साडी हो गई कंचन काया

आज दिन सोणा लघेगा

सवेरे होए गुरां दे दर्शन अज दिन सोणा लघेगा

आज दिन सोणा लघेगा आज दिन प्यारा लघेगा

सतगुरु खोले दर दरवाज़े

राजा रंक फकीर निवाज़े

अनहद शब्द नाम दी बाजे

आज दिन सोणा लघेगा

सवेरे होए गुरां दे दर्शन अज दिन सोणा लघेगा

आज दिन सोणा लघेगा आज दिन प्यारा लघेगा

जदों दे फड़े गुरां दे पल्ले

सेवा सतसंग नू असी चले

साडी हो गई बल्ले बल्ले

सवेरे होए गुरां दे दर्शन अज दिन सोणा लघेगा

आज दिन सोणा लघेगा आज दिन प्यारा लघेगा

सतगुरु दित्ते मेहर दे छट्टे

साडे खुश ने बाल बच्चे

साडे रोग नाश सब हट्टे

आज दिन सोणा लघेगा

सवेरे होए गुरां दे दर्शन अज दिन सोणा लघेगा

आज दिन सोणा लघेगा आज दिन प्यारा लघेगा

सतगुरु नज़र मेहर दी कीती

ज़िंदगी बड़ी ही सोणी बीती

ओ आज ते हो गये सोणे दर्शन

आज दिन सोणा लघेगा

सवेरे होए गुरां दे दर्शन अज दिन सोणा लघेगा

आज दिन सोणा लघेगा आज दिन प्यारा लघेगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।