सब आरती उतारो यदुनन्दन की

दासानुदास श्रीकान्त दास जी महाराज ।
श्री कृष्ण आरती कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

|| सब आरती उतारो यदुनन्दन की ||

सब आरती उतारो यदुनन्दन की ।

यदुनन्दन की नन्दनन्दन की ।। सब...

कंचन थाल धूप-घृत-बाती ।

और कपूर ज्योति हर्षाती ।।

पुष्प इत्र अरु चन्दन की । सब•••

मोर मुकुट की शोभा प्यारी ।

पीताम्बर की छटा है न्यारी ॥

मन बसिया जगवन्दन की । सब....

मकराकृत कुण्डल अति सोहै ।

घुँघरालीं अलकें मन मोहैं ।

कुंकुम तिलक सुगंधन की । सब••••

प्रिय राधा बाबा प्रिय मैया ।

कान्त सखा प्रिय प्रिय सब गैया ॥

भक्त और सब संतन की । सब....

स्वर : शत्रुघ्न जी

रचना : दासानुदास श्रीकान्त दास जी महाराज ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।