आज अवध में खुशियां छाई, जन्मे हैं देखो रघुराई ,

पारंपरिक
महादेव भजन राम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आज अवध में खुशिया छाई,

जन्मे हैं देखो रघुराई ,

आज अवध में खुशिया छाई,

जन्मे हैं देखो रघुराई ,

राम, लखन, भरत, शत्रुधन ,

जन्मे हैं देखो चार भाई,

कौशल्या, सुमित्रा, केकई,

दशरथ जी को बहुत बधाई,

आज अवध में खुशिया छाई,

जन्मे हैं देखो रघुराई ,

ब्रह्मा जी आए, भोले जी आए,

संग में माता गौरा आई,

बज रहे हैं ढोल और ताशे,

बज रही मंगल शहनाई,

आज अवध में खुशिया छाई,

जन्मे हैं देखो रघुराई ,

खिल उठी हैं सारी कलिया,

पेड़ो पर हरियाली छाई,

सज गया सरयू का किनारा,

माता सरयू भी हर्षाई,

आज अवध में खुशिया छाई,

जन्मे हैं देखो रघुराई ,

सूरज भी भुल गए हैं ढलना,

देख के मेरे राम का पलना,

पलने में सोए रघुराई,

कौशल्या जी ने लोरी गाई,

आज अवध में खुशिया छाई,

जन्मे हैं देखो रघुराई ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।