भगत थारो दुरा से आयो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भगत थारो दुरा से आयो,

री भवानी थारो दुरा से आयो,

दर्शन दो म्हारी मात भवानी, गजरों फुला रो लायो ।।

थारा कारण जगदंबा मैं

चुनर ले आयो ये भवानी,

चुनर ले आयो...

दर्शन दो म्हारी मात भवानी, गजरों फुला रो लायो ।।

थारे कारण मैया जी ओ,

रथडो सजवायो ये भवानी,

रथडो सजवायो....

दर्शन दो म्हारी मात भवानी, गजरों फुला रो लायो ।।

माथा पे चुनर हाथा में चडलो,

नथडी भी लायो ये भवानी,

नथडी भी लायो..

दर्शन दो म्हारी मात भवानी गजरों फुला रो लायो।।

भगत थारो दुरा से आयो, ये भवानी थारो दुरा से आयो, दर्शन दो म्हारी मात भवानी, गजरों फुला रो लायो ।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।