मां मेरिया मजबूरियां तू जानदी ए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मां मेरिया मजबूरिया तू जानदी ए--2

ऐमे न पइया दूरिया तू जानदी ए-2

मां मेरिया मजबूरिया तू जानदी ए-2

मां मैनु ए समझ न आवे

दिल मेरा क्यो डुव डुव जाए-2

लोकी वटदे घूरिया तू जानदी ऐ-2

मां मेरिया मजबूरिया तू जानदी ए-2

नाम ए दुनिया लैन न देंदी

चरणा च तेरे बैन न देंदी-2

मुरादा कर दे पूरिया तू जानदी ऐ

मां मेरिया मजदूरिया तू जानदी ए-2

ऐमे न पईया दूरिया तू जानदी ऐ-2

मां मेरिया मजबूरिया तू जानदी ए-2

दर आवा ते खुशी मनावां

रज रज तेरा दर्शन पावां-2

करदे रीझा पूरिया तू जानदी ऐ-2

मां मेरिया मजबूरिया तू जानदी ऐ-2

ऐमे न पइया दूरिया तू जानदी ऐ-2

मां मेरिया मजबूरिया तू जानदी ऐ

मां तेरे बिन रह नही सकदा

दुनिया नु कुछ कह नही सकदा-2

चरणा चो रखी न दूरिया तू जानदी ए-2

मां मेरिया मजबूरिया तू जानदी ए-2

ऐमे ना पईया दूरिया तू जा जानदी ऐ-2

मां मेरिया मजबूरिया तू जानदी ऐ-2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।