राम की धुन में हो के मगन रोज करता रहूं मैं भजन

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम की धुन में, हो के मगन,

रोज करता रहूं , मैं भजन ,

कही और लगाऊं ना मन,

रोज करता रहूं, मैं भजन,

पहले भक्ती मिली, फिर भजन हैं मिला,

फिर भजनों में , राम का संग मिला,

राम जी से , लगाऊं मैं लगन,

रोज करता रहूं, मैं भजन,

राम की धुन में, हो के मगन,

रोज करता रहूं , मैं भजन ,

जब से भक्ती मिली, मैं बदल सा गया,

जीवन मेरा तो फिर ये, सुधर सा गया,

अब बनाऊं , निर्मल ये मन,

रोज करता रहूं , मैं भजन,

राम की धुन में, हो के मगन,

रोज करता रहूं , मैं भजन ,

भक्ती राम की मुझसे, ना छुटे कभी,

जो भी होंगे जतन , वो करूंगा सभी,

अब हटाऊ ना, भजनों से मन,

रोज करता रहूं, मैं भजन,

राम की धुन में, हो के मगन,

रोज करता रहूं , मैं भजन ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।