बोल नी जयकारे बोल मैं भी बोला तू भी बोल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बोल नी जयकारे बोल, मैं भी बोला तुमी बोल-

जे तू मां दा पगत प्यारा, जे तू मा दा पगत प्यादा

इक नही दो वारी बोल,

बोल नी जयकारे बोल.....

आर लगदे जी पार लगदे-2

मेले शेरावाली मईया दे द्वार लगदे-2

बोल नी जयकारे बोल.....

जे तू मां दा पगता प्यारा....

बोलनी जयकारे बोल.........

टोल बजदे लगाड़े बजदे-2

पगत शेरा बाली मईया दे द्वारे नचदे-2

बोल नी जयकारे बोल.....

जे तू मां दा पगत.......

मेहरा होनिया जी मेहरा होनिया-2

अज शेरावाली मां दे दीदार होनगे

बोलनी जयकारे बोल.....

जे तू मां दा पगत.....

बोल नी जयकारे बोल............

आन नेरिया जी जान नेरिया -2

सारे जग बिच पईया दाती तूमा तोरिया बोल नी जयकारे बोल...........

जे तू मां दा पगत प्यारा......

बोल नी जयकारे बोल.............

आर लगदा ना पार लगदा-2

दिल शेरावाली मां दे दरबार लगदा-2

बोल नी जयकारे बोल.......

जे तू मां दा पगत.....

बोल नी जयकारे बोल........

द्वार आवांगे जी द्वार आवांगे-2 तेरा रज मईया जी दिदार पावांगे-2

बोलनी जयकारे बोल.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।