श्याम मारा सिंगोली वाला है सब भगता रा रखवाला

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सिंगोली में आप विराज्या सिंगोली में आप विराज्या

भागता रखवाला श्याम मारा सिंगोली वाला

है सब भगता रा रखवाला

सिंगोली में धाम सोवणो सिंगोली में धाम सोवणो पर्वत में प्यारा

श्याम मारा सिंगोली वाला है सब भगता रा रखवाला

श्याम मारा सिंगोली वाला है सब भगता रा रखवाला

उचो आसन सोना वालों उचो आसन सोना वालों संग भोले बाबा

श्याम मारा सिंगोली वाला है सब भगता रा रखवाला

श्याम मारा सिंगोली वाला है सब भगता रा रखवाला

हो चम चम चम चम तुर्रा चमके चम चम चम चम चमके पागा तुर्रा गले वेजंती माला

श्याम मारा सिंगोली वाला है सब भगता रा रखवाला

श्याम मारा सिंगोली वाला है सब भगता रा रखवाला

देव शर्मा लिख लिख गायों देव शर्मा लिख लिख गायों सरणा में आया श्याम मारा सिंगोली वाला है सब भगता रा रखवाला

श्याम मारा सिंगोली वाला है सब भगता रा रखवाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।