मैनु पार लगा दे मां मैं ता मिन्नता तेरिया करदी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैनु पार लगा दे मां, मैं ता मिन्नता तेरिया करदी-2

मेरी आस पुजा देना-2, मैं ता नौकर तेरे दर दी

मैनु पार लगा दे मां मैं ता.........

इक सच्चा तेरा द्वारा है ,पगता नु लगदा प्यारा ए-2

डुबदे नु मिले किनारा ऐ-2

नाले खाली चोलिया परदी

मैनु पार लगा दे मां, मैं ता मिन्नता तेरिया करदी-2

दुनिया तो शान निराली मां, तेनु कैंदे शेरांवाली मां -2

करे सबना दी रखवाली मां-2

बचेया दे दुःखड़े हरदी

मैनु पार लगा देमा, मैं ता मिन्नता तेरिया करदी

त्यानु ने तेनु त्याया सी, घोड़े दा शीश मिलाया सी-2

तू उसदा मान बधाया सी, अड़ पन्नी राजे अकबर दी

मैं नु पार लगा दे मां ,मैं ता मिन्नता तेरिया करदी

जे नज़र मेहर दी हो जाए, दस माए तेरा की जाए-2

बचेया ने तेनु तेनु त्याया मां-2

तू सबते मेहरा करदी

मैनु पार लगा दे मां, मै ता

मिन्नता तेरिया करदी-2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।