माए नी माए छिटे मेहरा वाले मार दे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माए नी माए छिटे मेहरा वाले मार दे

दर तेरे ते खड़े सवाली-2 तेनु बाजा मारदे

नी अमिए छिटे मेहरा वाले मारदे-2

दर तेरे तेरे खड़े सवाली,तेनु बाजा मारदे

नी अमिए.....

वैष्णो देवी नाम है तेरा विच भवना दे डेरा-2

भवन तेरा मां सब सोहना, पिण्डिया विच बसेरा-2

पिण्डिया विचो बाहर आके, सानु मां दिदार दे

माए नी माए......

दर तेरे ते खड़े सवाली_2 तेनु बाजा मारदे

माए नी माए.....

ज्वाला देवी नाम है तेरा, विचज्योता दे डेरा-2

ज्योति तेरी जगमग जगदी, रूप नुरानी तेरा-2

ज्योता विचो प्रकट होके, तपदे हृदय ठार दे

माए नी माए.....

दर तेरे ते खड़े सवाली-2 तेनु बाजा मारदे

माए नी माए.....

नैना देवी नाम है तेरा, ऊचे पर्वत डेरा-2

सबदी मुरादा पूरी करदी , झोली पांदी खैरा-2

बचड़े तेरे अर्ज गुजारे, सबदे दुखड़े टाल दे

नी अभिए छिटे.....

दुष्टा दा संहार करे मां, काली नाम है तेरा-2

जगजननी मां कहदें तेनु, करदी सबते मेहरा-2

सूरज चंद सितारे दाती-2 झूकन तेर दरबार ते

माए नी माए नी.......

अमिए छिटे मेहरा वाले मार दे-2

इस जग दी ठुकराई दाती, अपनी चरणी ला लै मां-2

पूंज के हंजु प्रेम प्यार दे, गोदी विच बिठा ले मां-2

गोदी विच बिठाके मैनु, मावां वाला प्यार दे

माए नी माए छिटे.............

नी अभिए छिटे................

दर तेरे ते खड़े सवाली---------

माए नी माए छिटे................

तेरे हथ विच डोर है दाती, साडा कोई जोर नही-2

तेरे वाजो दाती मेरा, इस दुनिया विच होर नही-2

तेरे हथ डोर है साडी, डोव दे या तार दे

माए नी माए छिटे मेहरा वाले मार दे-2

दर तेरे ते खडे़ , तेनु बाजा मार दे

माए नी माए छिटे मेहरा वाले मार दे-2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।