ये दिल ये मन दिल की धड़कन सब में सरकार तुम्हीं तो हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - ये चमक ये दमक

ये दिल ये मन , दिल की धड़कन , सब में सरकार तुम्ही तो हो ,

मैं बाहर क्यों खोजू तुमको , मेरी नस नस में तुम्ही तो हो,

सब में सरकार तुम्ही तो हो

ये दिल ये मन , दिल की धड़कन , सब में सरकार तुम्ही तो हो

मेरा मन तेरा , मेरा तन तेरा , मेरे जीवन का हर रंग तेरा

मेरे जीवन के हर एक रंग में

रंगों की बहार तुम्ही तो हो ,

सब में सरकार तुम्ही तो हो

ये दिल ये मन , दिल की धड़कन , सब में सरकार तुम्ही तो हो

मैं सेवक हूँ , तुम स्वामी हो , प्रभु तुम तो अंतर्यामी हो

मैं तो छोटा सा एक दास तेरा

मेरे मालिक श्याम तुम्ही तो हो ,

सब में सरकार तुम्ही तो हो

ये दिल ये मन , दिल की धड़कन , सब में सरकार तुम्ही तो हो

मेरे राम तुम्ही , मेरे श्याम तुम्ही , मेरे मोहन और घनश्याम तुम्ही

मैं तो तेरा एक पुजारी हूँ ,

मेरे बांके बिहारी तुम्ही तो हो ,

सब में सरकार तुम्ही तो हो

ये दिल ये मन , दिल की धड़कन , सब में सरकार तुम्ही तो हो

मैं तो भूल गयी सब कुछ मोहन , तेरी प्रीत में बन बैठी जोगन

तेरी प्रीत मुझे तो प्यारी हैं ,

मेरा सच्चा प्यार तुम्ही तो हो ,

सब में सरकार तुम्ही तो हो

ये दिल ये मन , दिल की धड़कन , सब में सरकार तुम्ही तो हो

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।