सुन लाख टके की बात

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

सुन लाख टके की बात

सुखों को देने वाला देता

सदा दुख में भी साथ

सुन लाख टके की बात

रची है जिसने सृष्टि सारी

रचे सूरज चाँद सितारे

जीव जंतु सब उसने बनाए

रच दिए सारे नज़ारे

रचे जिसने दिन रात

सावन पतझड़ और बरसात

सुखों को देने वाला देता

सदा दुख में भी साथ

सुन लाख टके की बात

चरण उसके पड़े जहाँ पर

होता पुण्यों का वहीं बसेरा

छूट जाता नाम जपने से जिसके

जन्म मरण का फेरा और

शरण में मिलता जिसके परमार्थ

राजीव छूट जाए जब गात

सुखों को देने वाला देता

सदा दुख में भी साथ

सुन लाख टके की बात

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।