मैनु अपना बना लै दातिए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैनू अपना बना ले दातिए

मैनू दुनिया दी लोड़ कोई ना

मैनु चरणा नाल ला लै दातिए-2

तेरे बिना मेरा होर कोई ना

मैनु अपना बना लै दातिए

मैनु दुनिया दी लोड़ कोई ना

जद दा प्यार तेरे नाल पाया-2

मैं ता अपना आप गवाया-2

रंग अपना चढ़ा दे दातिए

मैनु दुनिया दी लोड़ कोई ना-2

दाती तेरे जेहा होर कोई ना

मैनु अपना बना............

मैनु दुनिया............

लोकी मैनू मारन ताने-2

अपने मेरे होये बेगाने -2

मैनु गल नल ला लै दातिए

मैनु दुनिया ही लोड़ कोई ना-2

मईया तेरे जेहा हेर कोई ना

मैनु अपना बना लै दातिए

मैन दुनिया.............

प्यार तेरा मेतो छड नही होना-2

रस्ता जिन्दगी दा कट नईयो होना-2

मैनु दर ते बुला लै दातिए

मैनु दुनिया दी लोड़ कोई ना-2

दाती तेरे जेहा होर कोई ना

मैनु अपना बना..........

मैनु दुनिया दी लोड़ कोई ना

तू मेरी, मै तेरी होई-2

हुन की मेरा करेगा कोई-2

मैनु अपना बना लै दातिए

मैनु दुनिया............

रंग अपना चढ़ा दे दातिए

मैनु दुनिया दी लोड़ कोई ना-2

मईया तेरे जेहा होर कोई ना

रंग अपना चढ़ा दे दातिए

मैनु दुनिया दी लोड़ कोई ना

मैनु दुनिया...........

मैनु दर ते बुला लै दातिए

मैनु दुनिया...........

मैनु दर ते बुला लै दातिए

मैनु दुनिया ..........

मैनु दुनिया दे लोड़ कोई ना

मैनू चरना नाल ला ले सावरे

मैनू दुनिया.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।