ज़िन्दगी का सफर करने वाले

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ज़िन्दगी का सफ़र करने वाले अपने मन का दीया तो जला ले,

रात लम्बी है गहरा अँधेरा,

कौन जाने कहा हो सवेरे,

तू है अनजान मंजिल का राही,

चलते रहना ही है काम तेरा,

रोशनी से डगर जगमगा ले,

अपने मन का दीया तो जला ले,

सुनी सुनी है ये मंजिल की राहे,

चूमना तेरे कदमो को चाहे,

गहन वन में कही खो न जाना,

भटक जाये न तेरी निगाहे,

हर कदम तू सोच के उठा ले ,

अपने मन का दीया तो जला ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।