लाल लाल लाल मेरी मां दियां बंगा लाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लाल लाल लाल मेरी मां दिया बंगा लाल बई

जो मईया दे चरणी लग जाए-2

हो जाए मालोमाल

लाल लाल लाल...

तु जगजननी शेरावाली,

कोई कैहंदा मेहरा वाली

तू मईया जी छिन्न मस्तिका,

चिन्तपूर्णी बोहड़ा वाली,

मस्तमलंग बन पगत प्यारे-2

पांदे पए तमाल

लाल लाल लाल मेरा मां दिया बंगा लाल बई

जो मईया दे चरणी लग जाए,

हो जाएमाले माल

लाल लाल लाल...

अकबर लश्कर लैके आया,

जोतां उत्ते पानी पाया

जोता होइयां दून सवाया,

देख के अकबर शीश झुकाया

मात ज्वाला दर्शन देके-2

किती पेश मिसाल

लाल लाल लाल मेरी मां दिया बंगा लाल बई,

जो मईया दे चरणी लग जाए,

हो जाए मालो माल

लाल लाल लाल...

पगतां ताई तारे मईया,

दुष्टा ताई मारे मईया

जिसनु देखो जय मईया दी

मुख तो पेया पुकारे मईया,

अगे बीर ते मध्य बिच मईया-2

पिछे भैरों लाल

लाल लाल लाल मेरी मां दिया बंगा लाल बई

मईया दे चरणी लग जाए,

हो जाए मालो माल

लाल लाल लाल...

तेरी महिमा दे बलिहारी,

झण्डे चूलन तेरे द्वारे

सच्चे दिल तो मंगलै पगता,

हो जावन के बारे न्यारे

पगत प्यारे कैंदे मईया- 2

आवांगे हर साल

लाल लाल मेरी मां दिया बंगालाल बई

जी मईया दे चरणी लग जाए-2

हो जाए मालो माल

लाल लाल लाल...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।