तेरा नाम सुनके दाता दर पर फ़कीर आया,

सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा नाम सुनके दाता दर पर फ़कीर आया,

उस नाम के मुताबिक कर दो करम ख़ुदाया।

सुनते हैं जो भी आया, भर भर के झोली पाया,

पर यह फ़कीर मौला झोली न संग लाया।

गर ख़ाली हाथ लौटा तो कान खोल कर सुन,

हो जायेगा जहाँ से तेरे नाम का सफाया।

सामान दे या ना दे मर्जी तेरी है रहवर,

झोली तो दे दे दाता ठोकर बहुत है खाया।

है देर तेरे घर में अन्धेर तो नहीं हैं,

आशिक 'कृपालु' ने यह राज है बताया।

पुस्तक - ब्रज रस माधुरी-1

पृष्ठ संख्या -210

कीर्तन संख्या -303

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।