पकड़ लो हाथ बनवारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे

हमारा कुछ न बिगड़ेगा, तुम्हारी लाज जायेगी

तुम्हारे ही भरोसे पर जमाना छोड़ बैठे हैं

ज़माने की तरफ देखो, हमे कैसे निभाओगे

पकड़ लो हाथ बनवारी...

पड़ी मझधार में नैया, खिवैया कोई नहीं मेरा

खिवैया आप बन जाओ, नहीं तो डूब जाएंगे

पकड़ लो हाथ बनवारी...

लदी है पाप की गठरी, वजन पापों का भारी है

यह गठरी आप संभालो तो बेडा पर हो जाए

पकड़ लो हाथ बनवारी...

लड़कपन की मोहब्बत है हमारी छूट जाएगी

लगी ना नग जड़ी चूड़ी जो इक दिन टूट जायगी

पकड़ लो हाथ बनवारी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।