सोहना जी सोहना मेरा श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सोहना जी सोहना मेरा श्याम

जी मैं वारे जांवा

उसतो भी सोहना ओहदा नाम

जी मैं वारे जांवा

सोहने दी मुरली सोहनी

मुरली दी धुन मन मोहनी

मुरली दी धुन विच राधा नाम

जी मैं वारे जांवा

सोहना जी सोहना मेरा श्याम

जी मैं वारे जांवा

उसतो भी सोहना ओहदा नाम

नी मैं वारे....

सोहने दे नैंन प्यारे

आंपा तां दिल ये हारे

खौरे की होना अनजाम

जी मैं वारे जांवा

सोहना नी सोहना मेरा श्याम

जी मैं वारे जांवा

उस तो भी सोहना ओहदा नाम

नी मैं वारे....

सोहने दे संगी सोहने

तेरे रंग रंगी सोहनी

संगत दा त्वानों है प्रणाम

जी मैं वारे जांवा

सोहना जी सोहना मेरा श्याम

जी मैं वारे जांवा

सोहने दी सखियां सोहनी

सखियां तो राधा सोहनी

रासां पावेंगा सोहना आप

जी मैं वारे जांवा

सोहना जी सोहना मेरा श्याम

जी मैं वारे जांवा

सोहने दी संगत सोहनी

सोहने दी मंडली सोहनी

कीर्तन विच आवे सोहना आप

जी मैं वारे जांवा

सोहना जी सोहना मेरा श्याम

जी मैं वारे जांवा

उसतो भी सोहना ओहदा नाम

जी मैं वारे जांवा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।