दुख दर्द यहाँ सहता है सच बोलने वाला

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज:- घर छोड के ना जाओ कहीं घर ना मिलेगा

दुख दर्द यहाँ सहता है सच बोलने वाला

भगवान तेरी दुनिया का दस्तूर निराला

सब कुछ है दिखावा यहाँ

किस पर यकीन करू मैं -2

सूरत तो भोली भाली

मगर दिल तो है काला

भगवान तेरी दुनिया का दस्तूर निराला

हकीकत बयां करू

तो जुबा कांपने लगी -2

धनवानो ने छिना यहाँ

निर्धन से निवाला

भगवान तेरी दुनिया का दस्तूर निराला

एहतेराम बफा रूपगिर

कैसे कहाँ मिले -2

नफरत ने छुपाया है

मोहब्बत का उजाला

भगवान तेरी दुनिया का दस्तूर निराला

गायक एवं लेखक

रूपगिरी वेदाचार्य जी

7792077586

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।