उचिया पहाड़ा विच बैठी शेरावालिये दस तेरी मुठी विच की,

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

उचिया पहाड़ा विच बैठी शेरावालिये,

दस तेरी मुठी विच की, माता रानिये दस तेरी मुठी विच की,

मुठी मेरी दे विच लाल लाल चुडिया,

मैन भागता दिया आसा करदी पुरिया,

होर तुसी मांग दियो की

उचिया पहाड़ा विच बैठि......

मुठी मेरी दे विच लाल लाल मेहँदी

मै भागता दे नाल नाल रेहँदी

हर तुसी मांग दियो की

उचिया पहाड़ा विच बैठि.....

मुठी मेरी दे विच फुल्लिया पतासे

मै भागता नू दीनदी आ दिलासे

हर तुसी मांग दियो की

उचिया पहाड़ा विच बैठि.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।