दुनियाँ खाटू नै चाली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम तेरे धाम की महिमा छाई, रे या खाटू में धूम मचायी,

हो पल में काम यें उनके बनजा, जिसने आस तेरे से लगायीं,

देख यो नजारा, लागे घना प्यारा,

दिला में बात या चाली,

बाबा तेरे नाम की मस्ती, भगतां पे या चढ़ी कसूती, या दुनियाँ खाटू नै चाली...

बाबा म्हारा लखदातारी, पल में काम बना दे,

टूटी-फूटी किस्मत ने, यों श्याम मेरा चमका दे,

हारे का सहारा, यों श्याम हमारा,

हैं तू कलयुग का अवतारी,

बाबा तेरे नाम की मस्ती, भगतां पे या चढ़ी कसूती, या दुनियाँ खाटू नै चाली...

श्याम धनी तेरे नाम का डंका, सारे जग में बाजै,

सबके संकट दूर यें हो जा, मोर छड़ी जब लागै,

श्याम तेरा मुखड़ा, चाँद का टुकड़ा,

कसूती गाला पै लाली,

बाबा तेरे नाम की मस्ती, भगतां पे या चढ़ी कसूती, या दुनियाँ खाटू नै चाली....

श्रृंगार तेरा यो गजब लगे, औऱ माथे ऊपर टिका

खाटू की सरकार के आगे, लन्दन भी सै फीका,

यें कुंडल साजे, मुकुट विराजे, हैं तेरी शान निराली,

बाबा तेरे नाम की मस्ती, भगतां पे या चढ़ी कसूती, या दुनियाँ खाटू नै चाली,

श्याम तेरे दर्शन खातिर, या दुनियाँ खूब सै आई,

छप्पन भोग चढ़ावे तेरे, तने खवावे दूध मलाई,

मोहित भी आवे, यो तने मनावे, सै तू भगतां का रखवाली,

बाबा तेरे नाम की मस्ती, भगतां पे या चढ़ी कसूती, या दुनियाँ खाटू नै चाली...!!!

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।