रायपुर नाचे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ll रायपुर नाचे होली गीत ll

कोरस -झूमव नचाव गवव रे, रंग ग़ुलाल उड़ावव रे

फागुन तिहार संगी आगे.........

रईपुर नाचे रे मोर भाग मा, हाय रे हाय पूरा रईपुर नाचे ll

चढ़ -सराररररा पूरा रईपुर नाचे रे ll

रईपुर नाचे रे मोर भाग मा, हाय रे हाय पूरा रईपुर नाचे ll

1राम नगर के टुरी टुरा मन नाचे,

श्याम नगर के जी कोनो नई बाचे,

चढ़ -कोनो नई बाचे जी... नई बाचे

बुढ़हापारा के बुढ़हा नाचे, हाय रे हाय पूरा रईपुर नाचे

2.पुरानी बस्ती रंग म हे घोराय

लाखे नगर म जी पिचका चलाय

चढ़- पिचका चलाय जी

आमा पारा म सब सनाय रे, हाय रे हाय पूरा रईपुर नाचे

3.बाजे नंगाड़ा गुड़ियारी पारा में

सराररररा सरराये हांडीपारा में

चढ़ -हांडी पारा में जी

पारस नगर में फाग गाय रे, हाय पूरा रईपुर नाचे

रईपुर नाचे रे मोर भाग मा, हाय रे हाय पूरा रईपुर नाचे ll

चढ़ -सराररररा पूरा रईपुर नाचे रे ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।