चलो दरस बर जाबो

श्री दुकालू यादव जी
माता दुर्गा आरती दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चलो दरस बर जाबो डोंगरगढ़ बमलाई के,

पान फूल अउ नरियर दरके,

बंदन चंदन फूल दशमतके,

आरती करबो घीव अउ कपुरके,

पबो आशीष ल मन भरके,

माथ ल अपन नवाई के,

डोंगरगढ़ बमलाई के.......

डोंगरगढ़ तोर धाम कहाये,

कबले बिराजे कोन बताये,

लाल ध्वजा उहा तोर लहराये,

जम्मो भगत तोर गुन ल गाये,

मोहमाया ल भुलाई के,

डोंगरगढ़ बमलाई के......

आये हवन तोर सरन म दाई,

जगके आस तोर चरन हे माई,

बगुला मुखी जय जय बमलाई,

केइसे करव मै तोर बड़ाई,

हिन्दू जस ला गाईके,

डोंगरगढ़ बमलाई के......

चैत कुँवर में मेला भराये,

नर नारी सब जुर मिल आये,

दुःख पीरा ल तैहा मेटाये,

तोर महिमा हा जग छाये,

शेखर तोला सोरियाईके,

डोंगरगढ़ बमलाई के.......

गायक- श्री दुकालू यादव जी

रायपुर छत्तीसगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।