मेरे घर के ऊपर तेरी मोरछड़ी का साया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज:- मन की बाता सांवरिया ने

मेरे घर के ऊपर तेरी, मोरछडी का साया हो,

तेरी मोरछडी का झाडा, छाया जैसा लगता हो,

मेरे घर के ऊपर तेरी...

बन्द पड़ी किस्मत का ताला, मोरछडी से खुल जाता-2,

सोई किस्मत जग जाती, वो पल में बन जाता राजा-2,

झाडा खाले मोरछडी का कंचन काया हो तेरी,

मेरे घर के ऊपर तेरी...

मोरछडी झाड़ा ऐसा, मेरे मनको हैं भाता-2

झाडा खाकर मोरछडी का, मेरा मन भी है गाता-2

गुण गाऊ में मोरछडी का, जीवन की ये अभिलाषा,

मेरे घर के ऊपर तेरी...

जब तक जीवन मेरा बाबा, रोज करू तेरी सेवा-2

सेवा ऐसी मिली है मुझको, जीवन हो यापन मेरा-2

सागर तेरी कृपा चाहे, बस इतनी से हो अभिलाषा,

मेरे घर के ऊपर तेरी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।