परमात्मा है प्यारे तेरी आत्मा के अन्दर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

परमात्मा है प्यारे, तेरी आत्मा के अन्दर ।

अम्बर है एक तारे में, एक बूँद में समंदर ॥

इंसान से भी जयादा, विशवास में है शक्ति ।

भगवान् बना देगी तुझको ही तेरी भक्ति ॥

क्यूँ लूट पे जीता है, क्यूँ पाप कमाता है ।

अपनी ही निगाहों में, क्यूँ खुद को गिराता है ॥

अपनी शक्ति तुम मुझ में भर दो,

मेरी कमजोरी को दूर कर दो ।

दुनिया से मैं बुराई का नाम मिटा दूँ.

जालिम शितानो को मैं इंसान बना दूँ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।