मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया

मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया

मुझे महाकाल से प्यार हो गया

मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया

दिल से पुकारा, उसने आवाज़ दी

जीवन को मेरे रोशनी, महादेव जी ने दी

दिल से पुकारा, उसने आवाज़ दी

जीवन को मेरे रोशनी, महादेव जी ने दी

मुझे राह दिखी, हर अंधेरा मिटा

मुझे राह दिखी, हर अंधेरा मिटा

तेरी कृपा से सब कुछ हो गया

मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया

मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया

भोले बाबा मेरे मस्त मलंगा

सब करते हैं इनकी तपस्या

भोले बाबा मेरे मस्त मलंगा

सब करते हैं इनकी तपस्या

जीवन के हर मोड़ पे उसने हाथ मेरा थामा

जीवन के हर मोड़ पे उसने हाथ मेरा थामा

तेरी शरण में आके मेरा भला हो गया

मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया

मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया

मुझे प्यार हो गया

मुझे प्यार हो गया

तेरे नाल हो गया

तेरे नाल हो गया

मुझे प्यार हो गया

तेरे नाल हो गया

मुझे प्यार हो गया

तेरे नाल हो गया

मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया

मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।