मेरी बरसाने कुटिया बना दो लाडली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी बरसाने कुटिया,बना दो लाडली

बृज़वासी मोहर,लगा दो लाडली

मेरी बरसाने..

1. बरसाना रज़ में जीवन बिताऊंगी,

राधा-राधा-राधा-राधा,राधा राधा गाऊंगी

मेरे जीवन को सफल,बना दो लाडली

मेरी बरसाने कुटिया,बना दो लाडली

बृज़वासी मोहर,लगा दो लाडली

मेरी बरसाने..

2. गहवर वन और ख़ौर साकंरी,

नित परिक्रमा लाऊंगी

मौरकुटि दर्श दिखादो लाडली

मेरी बरसाने कुटिया,बना दो लाडली

बृज़वासी मोहर,लगा दो लाडली

मेरी बरसाने..

3. ललिता हरिदासी की दासी बनकर,

चरनन में बिछ जाऊंगी

अब धसका को पावन,बना दो लाडली

मेरी बरसाने कुटिया,बना दो लाडली

बृज़वासी मोहर,लगा दो लाडली

मेरी बरसाने..

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।