म्हाने श्याम को सिंगार बड़ो प्यारो लागे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

म्हाने श्याम को सिंगार बड़ो प्यारो लागे

साँची साँची बोलू बाबो न्यारो लागे

फागुन कार्तिक मेलो भारी

श्याम की सज जे हवेली प्यारी

थारे आगनिये में जोर का जयकारा लागे

साँची,

केशरियो बागों थारे तन पे सुहावे

काना रा कुण्डल थारो रोब जमावे

थारी आख्या रो काजल बड़ो प्यारो लागे

साँची,

मोरपंख जयपुरी मुकुट है सुहावे

केशर तिलक थारा भक्ता लगावे

थारो महक रहयो दरबार बाबा प्यारो लागे

साँची,

अमित बंसल बाबा भजन सुनावे

भक्ता चंग पर नाच दिखावे

थारी मोर छड़ी को बाबा झाड़ो लागे

साँची,,

Amit Bansal

Hanumangarh

9462171950

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।