बसहा चढल शिवशंकर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बसहा चढल शिव शंकर

परम सुहावन हे

गे बहिना कमल नयन अभिराम

की काम लजावन हे.

1 चम चम चम शशि भाल

मनोज लजाऊल हे

गे बहिना जटा में जुटल गंग धार

मधुर मन भावन हे

2 भूषित भसम अंग अंग

विनोद बरसाओल हे

गे बहिना डमरू रुचिर कर सोभीत

सुख सरसाओल हे

3 निरखी मनोहर मुरती

मनवा लोभावन हे

गे बहिना मधुकर सोहर गावैथ

मुदित मनावैथ हे।

Hemkant jha pyasa

9831228059

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।