ओ भोले ओ मेरे भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ओ भोले ओ मेरे भोले

धुन- एह थेवा मुंदरी दा थेवा

ओ भोले, ओ मेरे भोले l

हम, सारे, तीर्थ डोले,,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,

द्वार तेरा, कहीं न मिला,

द्वार तेरा, कहीं न मिला,भोले,

ओ भोले, ओ मेरे भोले l

हम, सारे, तीर्थ डोले,

भोला तो मेरा, कहीं न मिला,

भोला तो मेरा, कहीं न मिला,भोले,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,

तेरी, जटा में, गंगा विराजे ll

माथे, पे तेरे, चंदा साजे ll

तूने, लाखों, पापी तारे

तूने, लाखों, पापी तारे,,

द्वार तेरा, कहीं न मिला,

द्वार तेरा, कहीं न मिला,भोले,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,

ओ भोले, ओ मेरे भोले,

तेरे, गले में, सर्प विराजे l

हाथों में, तेरे, डमरू साजे ll

भोले, सारी, दुनियाँ नाचे l

भोले, सारी, दुनियाँ नाचे,,

द्वार तेरा, कहीं न मिला,

द्वार तेरा, कहीं न मिला,भोले,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,

ओ भोले, ओ मेरे भोले,

संग में तेरे, गौरां विराजे l

गोदी में तेरे, गणपति साजे ll

वोह, कितने, प्यारे लागे l

वोह, कितने, प्यारे लागे,,

द्वार तेरा, कहीं न मिला,

द्वार तेरा, कहीं न मिला,भोले,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,

ओ भोले, ओ मेरे भोले,

तुझे, मैंने, हरिद्वार में ढूँढा l

तुझे, मैंने, अमरनाथ में ढूँढा l

धरती, पे ढूँढा, कैलाश पे ढूँढा l

हो, सारा, कैलाश मैं ढूँढा l

सारा, कैलाश मैं ढूँढा,,

भोला तो मेरा, कहीं न मिला,

भोला तो मेरा, कहीं न मिला,भोले,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,

प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,

ओ भोले, ओ मेरे भोले,

हर हर महांदेव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।