जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

श्री कृष्ण गोपाला,मदन मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

जय....

1.यमुना तट राधा,बन्सीं वट मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

श्री कृष्ण गोपाला,मदन मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

जय....

2.गौर वरणं राधा,श्याम वरणं मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

श्री कृष्ण गोपाला,मदन मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

जय....

3.नुपुर धुंन राधा,मुरली धुंन मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

श्री कृष्ण गोपाला, मदन मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

जय....

4.बरसानें राधा,वृन्दावन मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

श्री कृष्ण गोपाला,मदन मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

जय...

5.संन्तों का मन राधा,भक्तो का मनमोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

श्री कृष्ण गोपाला,मदन मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

जय....

जय जय राम कृष्ण हरि,

जय जय राम कृष्ण हरि

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

श्री कृष्ण गोपाला,मदन मोहन

जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन

जय....

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।