गौरा को बारात बारे बतलाना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गौरा को बारात बारे बतलाना

तर्ज : दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी.....

सुन सुन गौरां नी बरात दी।

तेरी जंज तेरा लाड़ा, लगे भूतां दा वाड़ा,

गल गल ते गड़बड़ जापदी। सुन सुन....

बिछुआ दे सेहरे, माला मुण्डीयां दी पाई।

जटा जूट गंग धारी, तन भस्म रमाई ए ।। 2 ।।

लगे मड़ीयां दा राजा, नां घोडी नां वाजा.

कोई गल्ल नां विआह वाली जापदी। सुन सुन..

गौरां तेरा लाड़ा, जिदा गज गज़ दाढ़ा ।

लगदा ए बुढदा, वाल इक वी न काला ए ।। 2 ।।

तेरी उमर इन्जानी, ओहदी उमर सियानी,

कोई गल्ल नां तेरे हान दी ।। सुन सुन..

झल्म झल्ले खौरे ख्ब किथों घल्ले ।

गौरा तेरे जांजीयां दी, होई बल्ले बल्ले ।। 2 ।।

बड़ा धूम धड़क्का, वजे धक्के ते धक्का

कोई लथी चढ़ी नां जापदी। सुन सुन..

सुन सुन गल्लां राजा रानी दुःखी होये ।

दंग हो गया 'मधुप, कदी हस्से कदी रोये ।। 2 ।।

शिव भोले भण्डारी, गत खूब संवारी,

धौंन तोड़ दिती हंकार दी। सुन सुन..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।