मे आई तेरे अगना मे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईयॉ सुनले अरजी तु सुन ले,

मे आई तेरे अगना मे,

थारी पुजा बिना म्हारी माँ,

मन्हे कुछ ना सुहावे माँ,

जब जब ना होवे थारी पुजा,

मन्हे चैन नही आवे माँ,

म्हारा दिल की लगी ने तू जाने,

मे आई तेरे अगना मे...

माइय देख तूम्हारी ओर,

मन्हे छोड दिया सब रंग,

माइय झुम झुम नाचे,

पर्वत पे मचे रस रंग,

तेरे भक्त लहर लहर लहरावे,

मे आई तेरे अगना मे...

माँ द्वार पे थारे आवे,

सारा धर्मो के नर नारी,

तु लीला रचे प्यारी,

लगे सबको ही वह न्यारी,

सारे दर्शन की अखियॉ है प्यासी,

मे आई तेरे अगना....

गायक,लेखक,संगीत,रसीद मयूर इटावा राजस्थान

पैड प्लेर रहीस मयूर इटावा राजस्थान

9785090030,9829962362

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।