आया फागुन का त्योहार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आया फागुन का त्यौहार चलो जी खाटू के दरबार

चलो जी खाटू के दरबार छाई कैसी अजब बहार

आया फागुन का त्यौहार चलो जी खाटू के दरबार

रिंग्स से निशान उठाना श्री श्याम जयकारा लगाना,

फिर पैदल पैदल जाना खाटू मंदिर पे चढ़ाना I

होगा सबका बेड़ा पार चलो जी खाटू के दरबार,

आया फागुन का त्यौहार चलो जी खाटू के दरबार II

कोई रंग गुलाल उड़ाए कोई भर पिचकारी लाए,

कोई चग नगाड़े बजाए कोइ मस्ती में धमाल गए I

लगती भक्तों की लंबी कतार चलो जी खाटू के दरबार ,

आया फागुन का त्यौहार चलो जी खाटू के दरबार II

हारे को जीत दिलाता भटको को राह दिखाता,

उसकी किस्मत चमकता जो सच्चे मन से जाता I

है सुधीर पे कृपा अपार चलो जी खाटू के दरबार,

आया फागुन का त्यौहार चलो जी खाटू के दरबार II

गायक व लेखक सुधीर राजपूत

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।