तेरी महिमा है जग से निराला मेरा शिव तो बड़ा भोला भाला

शेषाचार्य जी महाराज
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरी महिमा है जग से निराला

मेरा शिव तो बड़ा भोला भाला

बम भोले बम बम भोले

तू जो पिता है भंग का प्याला

भोले जग है तू तो निराला

तेरे दर पर जो भी आता

वो खाली हाथ ना जाता

जटा से निकली गंग की धारा

गले पहने है मुंडों की माला

डम डम डमरू बाजता जाए

मेरा भोला नाचत आए

भोले बाबा है औधड़ दानी

खाली जाए ना इनकी वाणी

जो भी गंगा जल है चढ़ाये

भव सागर से तर जाए प्राणी

भोले मरघट नित आते

जहाँ भूत प्रेत भी रहते

बम बम भोले का नारा लगते

ये कालो के काल है कहते

लेखक - शेषाचार्य जी महाराज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।