Kesa Rang Lagayo Kanha

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा होरी खेलें आज

राधा होरी खेलें आज,

राधा होरी खेलें आज,

राधा होरी खेलें आज,

राधा होरी खेलें आज।

मधुबन में आज रंग खिला है,

कान्हा झूमें साथ...

ओ ओ ओ...

कैसा रंग लगाया सांवरिया ने,

कैसा रंग लगाया...

ऐसा रंग ओ राधे-कान्हा,

ऐसा रंग लगाना,

ऐसा रंग लगाना ओ श्यामा मेरे,

ऐसा रंग लगाना।

पूरा मधुबन... (3 बार)

खेले आज होली, ऐसा रंग लगाना।

पकड़े बैयां राधा जू की,

ऐसे छेड़े आज,

रंगों की पूरी बारिश,

कर दियो मोहन आज।

मधुबन रंग गयो आज... (2 बार)

सांवरिया तेरो होली से,

मधुबन रंग गयो आज।

कैसा रंग लगाया सांवरिया ने,

कैसा रंग लगाया...

ऐसा रंग ओ राधे-कान्हा,

ऐसा रंग लगाना,

ऐसा रंग लगाना ओ श्यामा मेरे,

ऐसा रंग लगाना।

पूरा मधुबन... (3 बार)

खेले आज होली, ऐसा रंग लगाना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।