मेरे भोले बाबा ने वियाह रचाया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे भोले बाबा ने वियाह रचाया

मेरे, भोले बाबा ने, वियाह रचाया, वियाह रचाया ll

मेरी, गौरां मईया को, दुलहन बनाया, दुलहन बनाया ll

इस शादी की, शान देखकर, राम ने ङंका बजाया ll

सीता जी को, साथ नचा कर, खूब धमाल मचाया l

मेरे, भोले बाबा ने, वियाह रचाया...

इस शादी की, शान देखकर, विष्णु ने शंख बजाया ll

लक्ष्मी माँ को, साथ नचाकर, खूब धमाल मचाया l

मेरे, भोले बाबा ने, वियाह रचाया...

इस शादी की, शान देखकर, शाम ने मुरली बजाई ll

झूम झूम के, नाचे और, राधा साथ नचाई l

इस शादी की, शान देखकर, ब्रह्मा ने वेद सुनाऐ ll

ब्रह्माणी को, साथ लै आऐ, कारज नेक कराऐ l

मेरे, भोले बाबा ने, वियाह रचाया...

इस शादी की, शान देखकर, मईया दौङी आई ll

हनुमत ने भी, नाच नाच कर, चुटकी खूब बजाई lमहाँदेव

मेरे, भोले बाबा ने, वियाह रचाया...

ऐसा दूल्हा, कहीं ना देखा, देखी ना ऐसी दुलहन ll

शिव गौरां की*, जोड़ी जग में, बनी है सबसे उतम l

मेरे, भोले बाबा ने, वियाह रचाया...

हर हर महादेव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।