बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

निकले हैं भोला , लेकर बरात ,

भूतों की टोली , हैं उनके साथ,

बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,

बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले

शीश पे हैं चंदा और जटा में गंगा की धारा,

कानों में कुंडल हैं और गले में पुष्पों की माला ,

हाथ में , डमरू को, डम डम बजा रहे हैं शिव डमरू वाले,

बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले

बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,

आगे आगे ब्रह्मा , संग विष्णु जी के चल रहे हैं ,

पीछे-पीछे देखो , ढोल ताशे मृदंग बज रहे हैं ,

खुश होकर, मस्ती में, डमरु बजा रहे हैं, शिव डमरू वाले ,

बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,

बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,

खिल उठा मन सबका, देख के ये अद्भुत नजारा,

शिव और सती का, आज होगा मिलन ये दुबारा ,

मिलने को, गोरा से, ख़ुद चले आए हैं, शिव डमरू वाले,

बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,

बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।