दुल्हा बने हैं भोलेनाथ जोड़ी का जवाब नहीं

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दूल्हा बने हैं भोलेनाथ

दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ,

जोड़ी का, जवाब नहीं ll

जोड़ी का, जवाब नहीं, ll

दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...

गौरां, मेरी, महलों वाली ll

पर्वत पे, वस्ते, भोलेनाथ,

जोड़ी का, जवाब नहीं l

दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...

गौरां, मेरी, गोरी गोरी ll

श्याम, वर्ण, भोलेनाथ,

जोड़ी का, जवाब नहीं l

दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...

गौरां, खावे, लड्डू पेड़ा ll

भांग, पीवे, भांग, भोलेनाथ,

जोड़ी का, जवाब नहीं l

दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...

गौरां, ओढे, लाल चुनरिया ll

बाघंबर, ओढ़े, भोले नाथ,

जोड़ी का, जवाब नहीं l

दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...

गौरां, करती, सोलह श्रृंगार ll

भोले के, गले में, सरप हार,

जोड़ी का, जवाब नहीं l

दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...

गौरां, पहने, बजनी पयलिया ll

घुंघरू, पहने हैं, भोले नाथ,

जोड़ी का, जवाब नहीं l

दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...

गौरां, के दर बाजे, ढोल छैने ll

डमरु, बजावे, भोले नाथ,

जोड़ी का, जवाब नहीं l

दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...

गौरां, मेरी, डोली में बैठीं ll

नंदी, पे बैठे, भोलेनाथ,

जोड़ी का, जवाब नहीं l

दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...

हर हर महादेव!

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।