डमरु बजे दिन रात भोले तेरे मंदिर में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

डमरू बजे दिन रात भोले तेरे मन्दिर में

( डम डम, डमरू बाज रहा

भोले का, डमरू बाज रहा ll )

डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे, मन्दिर में ll

^ओ भोले, तेरे मन्दिर में, xll

हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,

भोले, तेरे मंदिर में, कान्हा जी आऐ l

कान्हा, जी आए संग, राधा जी को लाए l

बंसी, बजे दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,

हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,

भोले, तेरे मंदिर में, ब्रह्मा जी आऐ l

ब्रह्मा, जी आए संग, ब्रह्माणी को लाए l

वेद, सुने दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,

हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,

भोले, तेरे मन्दिर में, विष्णु जी आए l

विष्णु, जी आए संग, लक्ष्मी जी को लाए l

चक्र, घुमाए दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,

हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,

भोले, तेरे मंदिर में, राम जी आऐ l

राम, जी आऐ संग, सीता जी को लाए l

दर्श, दिखाऐ दिन रात, भोले तेरे मंदिर में,

हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,

भोले, तेरे मन्दिर में ,गणपति जी आए l

गणपति, जी आए संग, रिद्धि सिद्धि लाए l

लड्डू, बंटे दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,

हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,

भोले, तेरे मन्दिर में, भक्त भी आए l

भक्त, भी आए संग, ढोलक मंजीरा लाए l

भजन, करे दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,

हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।