गिरधारी म्हारा सांवरा...

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गिरधारी म्हारा सांवरा..

गिरधारी म्हारा सांवरा, थारी लीला अपरंपार,

कोई पार कोनी पायो जी, सांवरिया सरकार..

बनवारी म्हारा सांवरा...

हिरण्याकसिपु कष्ट दियो, प्रह्लाद भगत पर आंच - 2

नरसिंह बन उदर ने फाड्यो जी, सांवरिया सरकार..

नरसिंह को रूप धर मार्यो जी... सांवरिया सरकार

गिरधारी म्हारा सांवरा...

मगर को मार्यो, तने पुकार्यो, भक्त थारो गजराज - 2

थे गज को फंद छुड़ायो जी, सांवरिया सरकार..

गिरधारी म्हारा सांवरा...

दुस्सासन जब हरबा लाग्यो, द्रौपदी री लाज - 2

बहणा रो चीर बढ़ायो जी, सांवरिया सरकार..

भगतण री लाज बचायो जी, सांवरिया सरकार..

गिरधारी म्हारा सांवरा...

नरसी टेर लगायो जद, बेटी री टूटी आस - 2

थे चोखो भात भरायो जी, सांवरिया सरकार ....

नानी रो भाई बण आयो जी, सांवरिया सरकार..

गिरधारी म्हारा सांवरा...

गोविन्द थांको दास लगावे अरजी बारंबार - 2

म्हाने भव सूं पार लगाज्यो जी, सांवरिया सरकार

भगतां ने दरस दिखाज्यो जी, सांवरिया सरकार

Bhajan by : Govind Singh Negi (Gopalbandhu Das)

Singer : Sukhiram Manda, Nagaur

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।