॥ पावन पाठ ॥
तरज़-ले गई री हमारो चितचोर कन्हैया तेरी बांसुरिया
ओ रंग डार गयो री नंदलाल,सखी री रंग डार गयो
मोरी चुनर कर गयो लाल,सखी री रंग डार गयो,
रंग डार....
तरज़-ले गई री हमारो चितचोर कन्हैया तेरी बांसुरिया
ओ रंग डार गयो री नंदलाल,सखी री रंग डार गयो
मोरी चुनर कर गयो लाल,सखी री रंग डार गयो,
रंग डार....