रंग डार गयो री नन्दलाल, सखी री रंग डार गयो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-ले गई री हमारो चितचोर कन्हैया तेरी बांसुरिया

ओ रंग डार गयो री नंदलाल,सखी री रंग डार गयो

मोरी चुनर कर गयो लाल,सखी री रंग डार गयो,

रंग डार....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।