बाजी बरसाने डफ बाजी रे, होरी आई रे

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पद : ब्रज होरी में रंग रस बरसे, उड़े अबीर गुलाल

होरी में रसिया धमार की, मचती खूब धमाल

ग्वाल गोपियां नाचें गावें, बजे ताल पे ताल

कहे "मधुप" होरी उत्सव में, बजती डफ कमाल

बाजी बरसाने डफ बाजी रे, होरी आई रे

सारी नगरी राधा रंग राची रे, होरी आई रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।