॥ पावन पाठ ॥
जब दिन ग्यारस का आता है, साँवरिया माल लुटाता है
साँवरिया माल लुटाता है, सबकी झोली भर जाता है
ये सबको गले लगाता है, जब दिन ग्यारस का आता है
जब दिन ग्यारस का आता है, साँवरिया माल लुटाता है
साँवरिया माल लुटाता है, सबकी झोली भर जाता है
ये सबको गले लगाता है, जब दिन ग्यारस का आता है