बलिहार युगल सरकार,हमरिहुँ ओर निहार

सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बलिहार युगल सरकार, हमरिहुँ ओर निहार।

तुम मात पिता भरतार, हम सेवक सदा तिहार।

तुम पतितन को रखवार, हम पतितन को सरदार।

तुम दीनबंधु सरकार, हम अहंकार अवतार।

तुम करुणा को भण्डार, हम याचक याचत प्यार।

तुम ही मम नातेदार, हौं अब न चहौं संसार।

तुम देत पदारथ चार, हम चहत प्रेम उपहार।

तुम कृपा करहु इक बार, हम दउँ तोहिं प्राणहुँ वार।

तुम साँचो मीत हमार, बरबस अपना लो यार।

तुम नित कर पर उपकार, हम मानत नहिं आभार।

तुम मम 'कृपालु' आधार, हम जानत नाहिं गमार।।

पुस्तक : ब्रजरस माधुरी-1

कीर्तन संख्या : 100

पृष्ठ संख्या : 186

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।