दिल का सुनाऊँ किसे हाल मेरे साँवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल का सुनाऊ किसे हाल मेरे सांवरे

सुनता ना कोई भी पुकार मेरे सांवरे

दिल का सुनाऊ किसे...

दर दर मैं भटकी ठोकरें भी खाई

दुनियाँ में मेरा कोई हुआ ना सहाई

दुनियाँ से गई मैं तो हार मेरे सांवरे

दिल का सुनाऊ किसे...

जब से सुना मैंने इक द्वार ऐसा

हार के गया है जो भी हारा ना दोबारा

हार के मैं आयी तेरे द्वार मेरे सांवरे

दिल का सुनाऊ किसे...

खुशी को भी दी तूने खुशियाँ हजार है

कहलाया जग में तू लखदातार है लखदातार है

अमित भी करे ये पुकार मेरे सांवरे

दिल का सुनाऊ किसे...

भजन गायिका :-बावरी खुशी (राजपुरा,पंजाब)

लेखक और संगीतकार :- अमित चुघ (राजपुरा, पंजाब)

9988570091

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।