गिरने लगा है आंख से पानी

विष्णु कुमार सोनी, कानपुर
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

गिरने लगा है, आंख से पानी,

सुन के सिया की-राम सिया की-2 विरह कहानी

तर्ज: शुरू ही रही है प्रेम कहानी

दुख का कैसा फूल खिला है, राम को जब बनवास मिला है-2

राम लखन के साथ मे चल दी,-2 होने वाली अवध की रानी ।

गिरने लगा है, आंख से पानी...

वन में कितने कष्ट उठाये, एक दूजे का साथ निभाये-2

सोने के हिरण के कारण-2 बिछड़ गये फिर दोनों प्राणी ।

गिरने लगा है, आंख से पानी...

लंका जीत अयोध्या आये- राजतिलक की खुशियां पाये-2

धोबी के ताने के कारण-2, राजा राम ने त्यागी रानी ।

सुख-दुख तो सबको सहना है-मर्यादा में भी रहना है-2

जीवन को कैसे जीना है-2 सिखलाती है राम कहानी ।

गिरने लगा है, आंख से पानी...

लेखक: विष्णु कुमार सोनी, कानपुर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।